पुलिस नागरिकों की सुरक्षा के साथ खेलों में भी अपनी छाप छोड़े

पुलिस नागरिकों की सुरक्षा के साथ खेलों में भी अपनी छाप छोड़े

मुख्यमंत्री ने किया अखिल भारतीय पुलिस वॉटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिता के शुभारंभ
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रयागराज में महाकुंभ चल रहा है और भोपाल में वॉटर स्पोर्ट्स का अर्धकुंभ आरंभ हो रहा है। पुलिस, नागरिकों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए खेलों में भी अपनी छाप छोड़ रही है। पुलिस बल के अनेक जवानों ने विभिन्न खेलों में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा को साबित करते हुए देश का नाम रोशन किया है। राजा भोज द्वारा निर्मित भोपाल के ऐतिहासिक बड़े तालाब में अखिल भारतीय प्रतियोगिता का आयोजन, प्रदेश सहित राजधानी भोपाल के लिए गौरव का विषय है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव 24वीं अखिल भारतीय पुलिस वॉटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिता के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री का बड़े तालाब स्थित आयोजन स्थल वॉटर स्पोर्ट्स सेंटर में आगमन पर पुलिस बैंड द्वारा अभिवादन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल आई विभिन्न राज्यों और पुलिस इकाइयों के टीम मैनेजरों से परिचय प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने तिरंगे गुब्बारों के प्रदर्शन और उन्हें मुक्त आकाश में छोड़कर प्रतियोगिता के शुभारंभ की घोषणा की। मुख्यमंत्री के सम्मुख प्रतियोगी टीमों द्वारा मार्च-पास्ट तथा रो-पास्ट का प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री ने स्मारिका का विमोचन भी किया।
जल स्रोतों से मिलती है मन की शांति
मुख्यमंत्री ने कहा कि पौराणिक मान्यता के अनुसार पंचमहाभूतों में जल की विशेष महत्ता है। जीव की उत्पत्ति जल से होती है, अतः जीव सदैव जल की ओर विशेष रूप से आकर्षित होते है। इसी का परिणाम है कि मन की शांति के लिए व्यक्ति प्रायः जल स्त्रोतों के पास ही आते हैं। राजा भोज द्वारा निर्मित भोपाल का विशाल ताल अद्भुत है, साथ ही यह बांध निर्माण का विशिष्ट उदाहरण भी है। इसमें नदी की धारा को अवरूद्ध किए बिना चट्टानों से बनी रचना के माध्यम से पानी के संचय का प्रबंधन किया गया है।
वॉटर स्पोर्ट्स राजधानी के रूप में उभरा भोपाल
पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि खेलों का वैश्विक स्तर पर लंबा इतिहास रहा है। प्राचीन भारतीय ग्रंथों में भी खेलों का उल्लेख मिलता है। राजा भोज द्वारा भोपाल में विकसित तालाब, वातावरण को शुद्ध करने और जल का स्त्रोत होने के साथ-साथ वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों को आधार प्रदान कर रहे हैं। भोपाल का नाम देश में वॉटर स्पोर्ट्स राजधानी के रूप में उभरा है। मुख्यमंत्री  के मार्गदर्शन में राज्य शासन द्वारा इसके लिए आवश्यक सहयोग और प्रोत्साहन उपलब्ध कराया जा रहा है।